"प्रेम "
प्रेम अलौकिक,प्रेम दिव्य है
प्रेम साधना ,प्रेम सृजन है
प्रेम आत्मा,प्रेम परमात्मा है
प्रेम सौंदर्य ,प्रेम ज्योतिर्मय है
प्रेम निर्मल ,प्रेम उन्मुक्त है
प्रेम समर्पण,प्रेम निस्वार्थ है
प्रेम स्पंदन,प्रेम अनुभूति है
प्रेम स्मृति,प्रेम अहसास है
प्रेम स्वर,प्रेम मौन है
प्रेम आकाश,प्रेम समुंदर है
प्रेम मिलन ,प्रेम विरह है
प्रेम संयोग ,प्रेम वियोग है
प्रेम अनंत,प्रेम अद्वैत है
प्रेम चिंतन ,प्रेम मनन है
प्रेम सत्य ,प्रेम सास्वत है
प्रेम कृष्ण ,प्रेम राधा है
*पूनम शर्मा
प्रेम अलौकिक,प्रेम दिव्य है
प्रेम साधना ,प्रेम सृजन है
प्रेम आत्मा,प्रेम परमात्मा है
प्रेम सौंदर्य ,प्रेम ज्योतिर्मय है
प्रेम निर्मल ,प्रेम उन्मुक्त है
प्रेम समर्पण,प्रेम निस्वार्थ है
प्रेम स्पंदन,प्रेम अनुभूति है
प्रेम स्मृति,प्रेम अहसास है
प्रेम स्वर,प्रेम मौन है
प्रेम आकाश,प्रेम समुंदर है
प्रेम मिलन ,प्रेम विरह है
प्रेम संयोग ,प्रेम वियोग है
प्रेम अनंत,प्रेम अद्वैत है
प्रेम चिंतन ,प्रेम मनन है
प्रेम सत्य ,प्रेम सास्वत है
प्रेम कृष्ण ,प्रेम राधा है
*पूनम शर्मा

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