नारी की शक्ति है महान करो जग नारी का सम्मान
दुर्गा बन कर करती हैं इन दुष्टों का संहार
जिसनें समझा उसनें ही सर झुकाया हैं
अपनी रक्षा के लिए वो चन्डी भी बन जाती हैं
माँ की ममता सब पर लुटाती
भोली भाली है ये है
नारी जग की शान वो हैं घर की आन
*चरुमित्रा नगर
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