 |
| चरुमित्रा नागर |
मे छोटी थी सब औरतो को बिछीया पहने देखती तो मे भी पहन लेती मम्मी डाँट लगाती शादी के पहले नही पहनते हैं । मे बोलती कब शादी होगी कब पहनुगी ,पैर कितने सुन्दर लगते है । मेरी शादी 17 साल कि उम्र हो गई ।पहले ज्यादा कुछ समझ नहीं थी । शादी शुरू हुई तो मेने यही पूछा बिछीया कब पहनायेगे
सब लोग हँसने लगे , जब फेरे हो गये तो मंगलसूत्र बिछीया माँग भरना सारी रसमे हूई । बिछीया पहन कर मे यहीं बोली कितने सुन्दर लग रहे पैर
सुहाग हैं तो सुन्दर तो होगे ही
चारुमित्रा नागर
No comments:
Post a Comment