जैसा कि हम बचपन से ही पढ़ते आ रहे हैं।कि गाय हमारी माता हैं।आज के बदलते परिवेश में हमारी पूज्यनीय गाय का निदंनीय ओर अवैध कारोबार खूब फलफूल रहा है।गाय हमे कितने प्राकृतिक उपहार देती है।हम यह सब भूल गए हैं।देशी गाय का दूध हमे कई बीमारियो से बचाता है।प्राचीन काल मे गाय के गोबर से घर लीपने के कुछ सैद्धान्तिक कारण थे।गाय के गोबर से लिपे घरों मे कीड़े-मकोड़े ओर सर्प का प्रवेश वर्जित माना जाता था।आज भी बीहड़ गाँवो में जहाँ गौ पालन होता है।वहां सुख,सम्रद्धि,सम्पदा पलती हैं।गाय जीवनदायिनी है। हर किसान के घर मे एक गाय तो आज भी देखने को मिलती है।गाय बिना किसान अधूरा है। प्राकृतिक चिकित्सा में देशी गाय के घी,गोबर,मूत्र से अनेक कठिन बीमारियों के उपचार किये जाते है।देशी गाय की होती लुप्तता से हमारी धरती को भी नुकसान पहुँच रहा है।गाय के गोबर से धरती में उर्वरक क्षमता बढ़ती हैं।हमे गाय को बचाकर पर्यावरण बचने में मदद करनी चाहिए।
वन्दना पुणतांबेकर

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