Monday, July 15, 2019

मानवीय दृष्टिकोण

इन दिनों टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले एक सीरियल के कुछ अंश
दिखाते हुए एक मूकबधिर युवा के बारे में कहा जा रहा है कि इनकी इनकमिंग और आउटगोइंग बंद है।इस बात ने मुझे विचलित कर दिया ।किसी की भी कमियों के इस तरह वर्णन बेहद शर्मनाक है।इस संदर्भ में एक घटना याद आ रही है ।हमारे कॉलेज में चुनाव प्रक्रिया चल रही थी और सभी मस्ती के मूड में भी थे।एक दिन हमने देखा कि एक छात्र लंगड़ाने का अभिनय करते हुए एक दिव्यांग छात्र के पीछे चल रहा था और उसके मित्र उसका साथ दे रहे थे।इस घटना ने मुझे व्यथित कर दिया।
तकरीबन चार महीने बाद हम क्लास में थे ।अचानक बाहर शोरगुल की आवाज और किसी के चीखने की आवाज सुन कर बाहर दौड़े तो पता चला कि उसी छात्र को कुछ लोगों ने पैर में चाकू से हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया है।बाद में भी वह पूरी तरह ठीक नही हो पाया।एक दिन कॉलेज के बरामदे में जब मैं खड़ी थी तब उसे लंगड़ाते हुए चलते देख पिछली घटना को याद करते हुए सोचने लगी कि सचमुच जो जैसा करता है ,वैसा ही भरता है।ईश्वर की नजर सभी पर है और न्याय सभी के साथ होता है चाहे देर से ही क्यों न हो।

अचला गुप्ता
इंदौर

No comments:

Post a Comment

Featured Post

हिंदी पखवाड़े पर इंदौर संघ लेखिकाओ के पसंदीदा पुस्तकों पर विचार

एक सच्चा रिश्ता एक अच्छी किताब की तराहा होता है,  कितनी भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते, रास्ते बहुत मिलेंगे भटकाने के लिए, लेकिन स...