माँ दीदी राखी पर आ रही हैं , क्या सौरभ ने माँ से पूछा माँ ने कहाँ हा । फोन आया था उसका माँ दीदी को पता नहीं चलना चाहिए की मेरी नौकरी छुट गई हैं।
हम लोग किस परेशानी से गुजर रहे है। उसे दुःख होगा ,लीला भी परेशान सौरभ की नौकरी छुटे दो महीने हो गये।
सौरभ सोच रहा था , क्या करु दीदी बच्चे आरहे हैं । कैसे क्या करुंगा पैसे है नहीं ।इन्टरव्यू देकर आया हूँ पर कुछ खबर नहीं रात भर सोचता रहा ।
दो दिन बचे है , पर कहते हैं ना भाई बहन का रिश्ता नाडी से जुडा होता हैं । बहन को जैसे सब पता चल गया हो । पति ने किराना रखा था । बच्चों ने सामान के साथ वो भी रख दिया आटो मे और वो किराना के सामान भाई के घर आगया। जब सामान उतारा तो देखा किराने का सामान भी आ गया ।बहन ने कहाँ माँ अब कहाँ ले जाउगी यहीं रहने दो , छोटे भाई के लिए बहन की तरफसे तोफा और बहन के साथ ही खुश खबरी भी इन्टरव्यू दिया था जवाब आगया । राखी का त्यौहार खुशी से मना कर बहन अपने घर
सब ठीक हुआँ
चारुमित्रा नागर

No comments:
Post a Comment