Wednesday, January 29, 2020

मेरे मन के भाव ।
बसंती रंग बरसे ,
सखीरी मेरा मन हरखे ।
सरसों सी फूली तेरे कारण,
केशर रंगा मन ओ मनभावन ,
रसिया फिर सुना धुन ,
रंग भिगो मन बसंत आया।
स्वरचित ।

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