आस्था
----------
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर , भगवान् कुछ लोगों को कम समय लेकर भेजते है क्योंकि उनको समाज के हित में महत्व पूर्ण के कार्य जो करने होते हैं ऐसी ही महान विभूति का अवतरण स्वामी विवेकानंद जी के रूप में भारत वर्ष में हुआ था,उन्होंने हमारे उत्थान के लिए ही बल्कि लोगों को जीने की कला भी सिखाईं,कम उम्र में अपने गुरु से प्रेरित होकर सांसारिक मोह माया से दूर हो गए थे
,हालांकि उनका जीवन बहुत संघर्ष भरा था,इसके बाबजूद उन्होंने समाज की भलाई के लिए कार्य किया,उन्होंने बहुत सारे प्रेरणादायक उद्धरण दिए हैं
मेरे को वो सभी बेहद अच्छे और जीवन के सच को दर्शाते हुए लगते हैं , मै एक धार्मिक टाईप की
महिला हूं ,वो ये लगा है"जब तक हम खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते"......हमारे जीवन में विश्वास का होना बहुत ज़रूरी है
क्योंकि विश्वास किसी भी रिश्ते का एक सबसे महतवपूर्ण पहलू है,
भगवान् जी पर विश्वास,आस्था रखना ही अपने आप में एक विश्वास ही है,निजी जीवन में भी आप देखे यह एक महत्तव पूर्ण हथियार है,कोई भी रिश्ता इसके अभाव में बहुत समय तक जीवित नहीं रह सकता
,विश्वास के चारों तरफ ही सभी रिश्ते नाते घूमते रहते हैं
, भगवान् पर अटूट विश्वास ही हमें बड़ी से बड़ी मुसीबतों से टक्कर लेने की हिम्मत प्रदान करता है,विश्वास की वजह से ही हम गलत कार्यों से दूर रहते हैं,मेरे जीवन में विश्वास की बहुत बड़ी अहमियत है।
* पूनम शर्मा


No comments:
Post a Comment