*आया वसंत*
कोयल गाती गीत खुशी के लो आया वसंत।
झूम रहा खिला-खिला मन देखो आया वसंत।
सजी क्यारियां फूलों की रंग -बिरंगी झूलों सी।
डार-डार तितली इठलाती। लेकर रंग-बिरंगी पंख देखो आया वसंत।
छटा बदलती मौसम बदला।
निखारा चहुँ दिशाओं का रंग देख बसंत मयूरा नाचा खिल उठा मधुवन, देखोआया वसंत।
डार-डार बौराई महकी
फैली मस्त सुगन्ध वसुंधरा ने किया श्रृंगार देखो आया वसंत।
मन का मयूरा नाच उठा। भंवरा गुंजन गा उठा।
फूल-फूल मंडराई तितली मन में जागी उमंग देखो आया वसंत।
वंदन करते मां शारदा का मन में भरे उमंग देखो आया वसंत।
वंदना पुणतांबेकर
इंदौर

No comments:
Post a Comment