स्वामी विवेकानंद जी की जंयती पर शत शत नमन।
मुझे सर्व प्रथम विवेकानंद जी की तस्वीर किसी न दी और मुझे उनके बारे मे पूरी जानकारी दी
उसी दिन से मेरे मन ये प्रेरणा जागृत हुई कि ईशवर के प्रति आस्था और श्रद्धा पूर्ण विश्वास से ही होती है हमे कुछ पाने और करने के लिये विश्वास बहुत बड़ी चीज है उसे धारण करना चाहिए
। हमे लक्ष्य प्राप्ति के लिये डटे रहना ही हमारे जीवन की सार्थकता है ।
स्वामी विवेकानंद जी को रामकृष्ण परमहंस ने ज्ञान दिया उन्होंने तेईस वर्ष की आयु से ही भगवा वस्त्र धारण कर भक्ति मय होकर ईशवर मे लीन हो गये ।
उन्हें हिन्दू धर्म की धुरी भी कहा जाता है हमें उनसे प्रेरणा मिली जीवन जीने की कला उन्होंने सिखाई ।
ऐसे परम भक्त ने हमे बहुत कुछ सिखाया आत्म विश्वास जगाया आज उनकी जयंती पर शत शत नमन ।
*मनोरमा जोशी
मुझे सर्व प्रथम विवेकानंद जी की तस्वीर किसी न दी और मुझे उनके बारे मे पूरी जानकारी दी
उसी दिन से मेरे मन ये प्रेरणा जागृत हुई कि ईशवर के प्रति आस्था और श्रद्धा पूर्ण विश्वास से ही होती है हमे कुछ पाने और करने के लिये विश्वास बहुत बड़ी चीज है उसे धारण करना चाहिए
। हमे लक्ष्य प्राप्ति के लिये डटे रहना ही हमारे जीवन की सार्थकता है ।
स्वामी विवेकानंद जी को रामकृष्ण परमहंस ने ज्ञान दिया उन्होंने तेईस वर्ष की आयु से ही भगवा वस्त्र धारण कर भक्ति मय होकर ईशवर मे लीन हो गये ।
उन्हें हिन्दू धर्म की धुरी भी कहा जाता है हमें उनसे प्रेरणा मिली जीवन जीने की कला उन्होंने सिखाई ।
ऐसे परम भक्त ने हमे बहुत कुछ सिखाया आत्म विश्वास जगाया आज उनकी जयंती पर शत शत नमन ।
*मनोरमा जोशी

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