Friday, February 8, 2019

किसान

अलका जैन
किसान की हालियत बेहालियत हो रही दौस्त़
कर्ज से परेशान किसान है आज किसान
बीबी ने उसकी औलाद का पेंट भरने की तरकीब निकाली है भूख नहीं है कहती हैं
फिर बगल में किसान के रात बैचैन करवट बदला करती
ख़ामोश है बीबी फिर भी दर्द उसका जानता हूं  मजबूर हूं मैं
बेइंतहा पसीना बहाया जमीं पे
कभी बादल दगा दे गये हाय
कभी खड़ी फसलों पे कीड़े लगे
कभी ओले बरस फसल खत्म
मानसून पे टिका किसान का भाग्य
सारी मेहनत बेकार गर मानसून
साथ न दे किसान का दोस्त हाय
कर्ज से परेशान हो फंदा चुना मेने
मौत से पहले पेगाम लिखा मैंने
बच्चों खेती किसानी मत करना
आदमखोर है खेतै किसानी बच्चों
उमर भर सनद दो जमाने को 
बच्चोंओर एक दिन ऐसा आएगा भूख से तुम बेहाल  हो जाओगे बच्चों
बची जमीन मैं दारु की भट्टी लगा
अपना जिवन हंसते खेलते बिता 
किसान  मत बना ना सरकार न
ना कोई मददगार किसान का हाय
खुद खुशी कर ली मैंने मै मजबूर

अलका जैन 

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