Saturday, October 19, 2019

सुधा चोहान 
करवा चौथ प्रीत का पुनि प्यार का पुनि नेह का आधार हो *। प्यार हो बस प्यार हो बस तुम ही मेरा प्यार हो । करवा चौथ पर तुम नेह की मूरत लगे। राह तकती चाॅद का खुद चाॅद सी सूरत लगे अन्न जल का त्याग कर मैं तुझमें बस खो गयी। भूलकर सारा जहाँ बस तेरी ही हो गई । सच कहूँ तो खुद से ज्यादा तुम मेरी दरकार हो । प्यार हो बस प्यार हो बस तुम ही मेरा प्यार हो । हो सुखी मेरे ही सुख से और दुख से हो दुखी । चाॅद से ज्यादा सलोने तुम मेरे सरताज हो तुम ही साॅसे तुम ही धडकन तुम ही मेरे प्राण हो । तुम प्रणय सात्विक हो मेरे तुम मेरा निर्वाण हो । तुम समर्पण त्याग का तुम सत्य सा संसार हो । प्यार हो बस प्यार हो "राज"तुम ही मेरा प्यार हो ।
 डॉ सुधा चौहान "राज"

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