महात्मा गांधी
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खादी पहन कर दी आजादी, स्वदेशी मंत्र लाया , पहले बापू फिर महात्मा ,राष्ट्रपिता कहलाया । अपना सर्वस्व किया समर्पित , देश के लिए , सत्य अहिंसा के बल पर, देश आजाद करवाया । ऊंच-नीच का भेद मिटाकर, सबको गले लगाया , दया प्रेम अपना कर ,मानवता का पाठ पढ़ाया , वर्ण व्यवस्था तोड़ कर, दी धर्म की परिभाषा , आजादी के दीवानों में विश्वास जगाया । असंख्य वीरों ने दी कुर्बानी तब आजादी पाई , मुफ्त में नहीं मिली ,हमने इसकी कीमत चुकाई, हंसकर फांसी पर झूले ,सीने में गोली खाई , तब तीन रंग की विजय पताका गगन में है लहराई । देश में आतंक मिटा समाजवाद लाएं, सत्य राह पर खुद चलें, औरों को चलना सिखलाएं, विश्व बंधुता के आंगन में , शांति का पैगाम दें, हर हाथों को काम देकर, आत्मनिर्भर बनाएं। गांधी जी के सपनों को साकार करें , आओ नव भारत का निर्माण करें,। श्रीमती शोभा रानी तिवारी , 619 अक्षत अपार्टमेंट , खातीवाला टैंक इंदौर मध्य
खादी पहन कर दी आजादी, स्वदेशी मंत्र लाया , पहले बापू फिर महात्मा ,राष्ट्रपिता कहलाया । अपना सर्वस्व किया समर्पित , देश के लिए , सत्य अहिंसा के बल पर, देश आजाद करवाया । ऊंच-नीच का भेद मिटाकर, सबको गले लगाया , दया प्रेम अपना कर ,मानवता का पाठ पढ़ाया , वर्ण व्यवस्था तोड़ कर, दी धर्म की परिभाषा , आजादी के दीवानों में विश्वास जगाया । असंख्य वीरों ने दी कुर्बानी तब आजादी पाई , मुफ्त में नहीं मिली ,हमने इसकी कीमत चुकाई, हंसकर फांसी पर झूले ,सीने में गोली खाई , तब तीन रंग की विजय पताका गगन में है लहराई । देश में आतंक मिटा समाजवाद लाएं, सत्य राह पर खुद चलें, औरों को चलना सिखलाएं, विश्व बंधुता के आंगन में , शांति का पैगाम दें, हर हाथों को काम देकर, आत्मनिर्भर बनाएं। गांधी जी के सपनों को साकार करें , आओ नव भारत का निर्माण करें,। श्रीमती शोभा रानी तिवारी , 619 अक्षत अपार्टमेंट , खातीवाला टैंक इंदौर मध्य

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