करवा चौथ का चाँद
"चन्दा की शादी है,चांदी की रातें हैं
तुमसे कुछ कहने को अधरों पर बातें हैं।"
आज कई अधर आतुर हैं, अपने चाँद से कुछ कहने के लिए। आज कई चौदहवीं के चाँद निर्जल व्रत कर सुदूर चाँद से मांगती हैं कि उनके जीवन का चाँद बीती शरद पूर्णिमा के पूर्ण चंद्र के मानिंद ताउम्र प्रेम की अमृतवर्षा सतत करता रहे। यूँ तो समस्त चांदों की चाँदनियों अपने अपने चादों की करीब हैं। परंतु उनका क्या जिनके चाँद सरहद पर तैनात हो दूज का चाँद बने हुए हैं। हे आसमानी चाँद , वहां जाना और पंहुचाना संदेश उन समस्त प्रियतमाओं का जो तस्वीर देख या मोबाइल पर चैट कर जल ग्रहण करेगीं।
हे , करवा माता,,,गौरा माता, रक्षा करना उन सभी जांबाजों की ,,,कि अगली करवा चौथ वे अपने चांदों के साथ मना सके।
सरला मेहता
सरला मेहता

No comments:
Post a Comment