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हरतालिका
बहु आज कुछ नहीं खाना पानी भी नहीं पीना शाम को पूजा करके ही कुछ लेना । रीना तो जैसे मरसी गई अरे शाम तक पानी भी नहीं । कैसे रहेगी भुखी प्यासी । तीसरा महीना चल रहा , मे नहीं खाउगी तो बच्चा भी भुखा रहे गा । दिन भर घर का काम , रीना काम निपटा कर रूम मे आराम करने के लिए आई तो देखती हैं ।की मनोज पहले ही जूस लेकर बैठा उसी का इन्तज़ार कर रहा था । रीना तुम जूस पीयो पर आज माँ ने कहाँ पानी भी नहीं पीना , और माँ को पता चला तो आज पति की लम्बी उम्र के लिए ये हरतालिका करते है मे जूस कैसे पी सकती हूं । मनोज ने कहाँ जब पति खुद तुम्हें पीला रहा हैं। तो पति का कहना मानना चाहिए ना जिसके लिए ये सब कर रही हो । और तूम तो एक और जीव की रक्षा कर रही हो । सबसे बडा तो यहीं उपवास हुआ ना तुम्हारा , उससे भगवान भी खुश उपास का मतलब किसी की आत्मा को तकलीफ न हो बस हो गया वत
चारुमित्रा नागर

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