Sunday, August 4, 2019

हरियाली तीज



मेरा मन लोचे घेवर को ,
हरियाली तीज है आयी ।

आयी  ऋतु सोलह श्रृंगार की ,
आयी सावन के फुहार की ,
आयी अरमान के बहार की ,
आयी तेरे मेरे  प्यार की ।

मेरा मन लोचे चुनर  को ,
मतवाली तीज है आयी ।

वेणी ने बालों को  सजाया ,
सिंजारा पीहर से आया ,
टीका, साड़ी , नथनी लाया ,
माँग ने सिंदूर लगाया  ।

मेरा मन लोचे महावर को ,
निराली तीज है आयी ।

पायल , बिछुए छन - छन करते ,
चूड़ियाँ , कंगन खन - खन करते ,
हुस्न के  आज अंबार लगे ,
पिया संग ' मंजु ' गुलनार लगे ।

डॉ . मंजु गुप्ता
वाशी , नवी मुंबई

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