Sunday, August 18, 2019

सयोंग

🇵🇾संयोग... स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का🌺
..................🇵🇾🇵🇾🇵🇾🇵🇾....

हम महावीर जी से इंदौर लौट रहे थे । ४- अगस्त वंहा से बाय ट्रेन सुबह ८ बजे निकल कर मथुरा स्टेशन आये सुबह ११ बजे।
वंहा से हमें अमृतसर - इंदौर ट्रेन पकड़ना था।
हम सपरिवार  सब के साथ
साथ मथुरा स्टेशन प्लेट फ़ार्म पर बैठे थे
ट्रेन की प्रतीक्षा में।
तभी उसी समय मिलिट्री टेंक (सैन्य शस्त्र )से भरी रेल गाड़ी 
बहुत तेज़ी से गुज़रने लगी
हम सब उतसुक्ता से देखने लगे कि इतनी लंबी गाड़ी कंहा जा रही है।
हम लोग व वंहा लोगों ने चर्चा भी की - कि जरुर कुछ बड़ा होने वाला है।
धीरे -धीरे रफ़्तार कम हुयी और गाड़ी रुकी। मैंने देखा मेरे भाई ने सेल्यूट किया शस्त्रों को ।
फिर तो बिना कुछ पूछे ताछे हम
सबने सेल्यूट करना चालू कर दिया। हमारी देखादेखी कई लोगों ने भी सेल्यूट किया। वाह बहुत मन उमंग से भर गया।
🙏एक मिलिट्री के जवान ने मेरे भाईसाहब कासैल्यूट का जवाब मेरी तरफ सैल्यूट करके दिया था,तबसबने भी देखा था।
किसी ने भाई से पूछा कि आपको नमन करते देख बड़ा अच्छा लगा पर शस्त्र गाड़ी को क्यों?
उन्होंने बताया कि ये सैन्य शक्ति है -हम स्वयं कुछ नहीं कर सकते तो भावना तो जगा ही सकते हैं -देश प्रेम की और इन सैनिकों की शस्त्रों को चलाने वालों की ,इसलिये मेरा अपने आप मस्तक ऊँचा हो गया ,कि देखो हम सेना की वजह से कितने सुरक्षित हैं।
मैंने जज़्बे को जांबाजों के शस्त्रों को भी नमन किया🙏
मेरी ख़ुशी से आँखें चमक उठीं
वैसे तो हम समय पूर्व रक्षाबंधन
महावीर जी वृहद सपरिवार  मना चुके थे ।उपहारों का आदान प्रदान हो गया था । पर इतनी बड़ी गिफ़्ट -मुझे मिलेगी टैंक गाड़ी के साथ खड़े होकर ,फ़ोटो की .. ये पता नहीं था।
संयोग से अचानक राखी  और स्वतंत्रता दिवस वही मन गया मानों !
देश प्रेम ऐसा जागृत हुआ कि वंहा हमने गाना भी गा दिया 🇵🇾🇵🇾🇵🇾🙏🙏👏👏👏

ये देश है वीर जवानों का
अलबेलों का मस्तानों का....
इस देश का यारों क्या कहना

ये सभी बड़ी संख्या में टैंक मिल्ट्री की व्यवस्था के लिये बॉर्डर परले जाये जा रहे थे।
4अगस्त 2018 को नान स्टाप ट्रेन से ,....
देशभक्ति देशसैन्य का जज़्बा होना भी ताक़त दर्शाता है।🙏🙏
कुसुम सोगानी

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