Monday, August 19, 2019

पर्यावरण संगोष्ठी सम्पन्न

      पर्यावरण संरक्षण , अनुसंधान एवं विकास केंद्र का अभिनव कार्यक्रम*
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महिलाएं एवं साहित्यकार दोनों ही संवेदनशील होते हैं अंतः संवेदनशील मुद्दों पर ये गंभीरता से चिंतन करते हैं एवं उसके प्रति क्रियाशील रहते हैं ।यही कारण है कि Ceprd द्वारा दिनांक 10 अगस्त शनिवार को एक अभिनव कार्यक्रम किया गया।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया  विचार गोष्ठी का विषय :- 'पर्यावरण  संरक्षण  के क्षेत्र में लेखन की  स्थिति  एवं संभावनाएं  महिला लेखिकाओं के दृष्टिकोण था। इस गोष्ठी में साहित्य जगत की  की लब्ध प्रतिष्ठित एवं सशक्त हस्ताक्षर  महिला साहित्यकारों की  भागीदारी   रहेगी।डॉ. पद्मा सिंह, डॉ. निहार गीते, श्रीमती ज्योति जैन, श्रीमती पद्मा राजेन्द्र ,  श्रीमती सुषमा दुबे, श्रीमती सीमा व्यास, डॉ. दीपा व्यास, डॉ. गरिमा दुबे, डॉ. शोभा जैन, श्रीमती पूर्णिमा भारद्वाज, श्रीमती स्मृति आदित्य और डॉ सुनीता  श्रीवास्तव इस विचार गोष्ठी में वक्ता के रूप में उपस्थित थी ।
पर एकत्रित होकर आपसी विचारविमर्श से पर्यावर संरक्षण के क्षेत्र में लेखन को एक सकारात्मक दिशा देना इस विचार गोष्ठी का उद्देश्य था।
इस  विचार गोष्ठी की सूत्रधार डॉ. संगीता भारूका, शैक्षणिक संयोजक ,पर्यावरण संरक्षण, अनुसन्धान एवं विकास केंद्र था।
इस विचार गोष्ठी में CEPRD के सचिव डॉ. रमेश मंगल , श्री प्रीतमलाल जी दुआ, श्री अजीत नारंग जी एवं पर्यावरण विकास पत्रिका के प्रधान संपादक श्री कुमार सिद्धार्थ विशेष रूप से उपस्थित थे।

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