Monday, April 22, 2019

चित्र पर आधारित लघुकथा

शशिकला व्यास
*उम्मीद का दामन*
अबके बरस पानी कम बरसने के कारण फसल अच्छी नहीं हुई है और धरती माँ ने इस साल जो कृपा की है उसी अनाज को मंडी में बेचकर जो पैसे मिलेंगे उसी पैसों से सारे घर की जिम्मेदारियां निभानी होगी इसी *विचार मंथन* में रामप्यारी आस लगाये *उम्मीद का दामन* थामें बैठी हुई है।
*🌾🎋🌾🎋🌾🎋🌾🎋🌾 *शशिकला व्यास*
       *भोपाल*

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