Thursday, November 14, 2019

बचपन __________
 फूलों सा कोमल है बचपन , उस पर ना अत्याचार करो , कच्ची कलियों को खिलने दो , उस पर ना प्रहार करो ।
बच्चों के मुस्कुराहट के आगे, फीका है धन और दौलत , घर की रौनक घर की खुशियां, बच्चों के बदौलत , मस्ती में मस्त रहने दो , बचपन का नाम व्यापार करो। प्यारी बहना का भाई , मां बाप का राज दुलारा है, मनमोहना ,कृष्ण -कन्हैया , सबकी आंखों का तारा है, जीवन उनका उद्देश्य पूर्ण हो , इस पर सुविचार करो । बच्चे दिल की धड़कन है, बच्चे देश की शान है, जिस घर में बच्चे नहीं , वह घर रेगिस्तान है , धर्म जाति से ऊपर उठकर, जी भर कर उनको प्यार करो। बीत गया सुनहरा पल बचपन का, वह यादगार बन जाएगा , संगी साथी छूट जाएंगे , बचपन लौट कर ना आएगा, बगिया को सींचो स्नेह जल से, उनका तुम सत्कार करो। श्रीमती शोभा रानी तिवारी 619 अक्षत अपार्टमेंट, खातीवाला टैंक इंदौर मध्य प्रदेश, मोबाइल 89894 09210
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