Monday, September 30, 2019

गांधी मेरी नज़र में



गांधीजी की १५० वी जयंति पर सभी को शुभकामनाएँ । मेरी नज़र में गांधी वो अजूबा शख़्सियत है जो कल्पना से परे और अविश्वसनीय होते हुए भी मौजूद है। कैसे कोई सीधा- सादा सा इंसान जिसके पास हथियार के नाम पर बस सत्याग्रह और अहिंसा थे, वह मज़बूत  अंग्रेज़ी सरकार और उसके सिस्टम से टकरा जाता है। न बंदूक़ , न तलवार, न अस्त्र, न शस्त्र पर फिर भी जिसका लोहा अंग्रेज़ मान चुके थे। उनकी हर एक गतिविधि से वे थरथरा जाते थे। २०० सालों तक भारत पर अपना क़ब्ज़ा जमाए रखने वाले निरंकुश, अन्यायी और आततायी ब्रिटिश साम्राज्य का तख्ता हमारे गांधी ने हिला कर रख दिया था।
हिंसा से त्रस्त इस दुनिया में आज हर कोई गांधी की ओर निहार रहा है। वे न केवल भारत के लिए वरन पूरे विश्व के लिए अपरिहार्य बन गए हैं। मेरी नज़र में उनके द्वारा किए गए सत्य- सत्याग्रह - अहिंसा के प्रयोग आज भी उतने ही महत्वपूर्ण और विचारणीय हैं। अगर हमने उनके सिद्धांतों को नहीं अपनाया तो विश्व निश्चित रूप से मौत की कगार पर खड़ा होगा और भावी पीढ़ी को शायद ही विश्वास हो पाएगा कि काया से दुर्बल दिखने वाला पर विचारों में सख़्त और अहिंसा एवम् सत्याग्रह की सहायता से देश को आज़ादी की ओर ले जाने वाला हाड़- माँस से बना ऐसा कोई इंसान भी इस धरती पर पैदा हुआ था।
इसलिए चाहे चार सौ साल बीत जाए पर गांधी अपनी ख़ूबियों के कारण हमेशा अजर- अमर रहेंगे। ख़ुद पर विश्वास, अपनी क्षमता को पहचानना, अपनी ज़िम्मेदारी को निभाना, विरोध को सहन करना, सत्य- अहिंसा का दामन न छोड़ना और ये यक़ीन ख़ुद पर हो कि एक अकेला भी क्रांति ला सकता है- ये ख़ूबियाँ हमें भी अपनाना चाहिए तभी गांधी का नज़रिया साकार हो पाएगा।
उषा गुप्ता
इंदौर

No comments:

Post a Comment

Featured Post

हिंदी पखवाड़े पर इंदौर संघ लेखिकाओ के पसंदीदा पुस्तकों पर विचार

एक सच्चा रिश्ता एक अच्छी किताब की तराहा होता है,  कितनी भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते, रास्ते बहुत मिलेंगे भटकाने के लिए, लेकिन स...