Monday, September 30, 2019

मेरी नज़र में गांधी

गांधी जी मेरी नज़र में-,,
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महात्मा गांधी सिर्फ एक व्यक्ति या इंसान नहीं‌ थे।
  वे तो सत्य अहिंसा सहयोग त्याग और कर्मठता का संगम थे‌।
नहीं थे : यह कहना उचित नहीं होगा क्योंकि वो आज भी हमारे बीच शाश्र्वत हैं अपनी सीख के रूप में, अपने बिचार के रूप में। उनके बिचार आज भी उतने ही सार्थक है जितने उस समय हुआ करते थे।
गांधी जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं थे अपितु जीवन जीने की कला में पारंगत,और मुश्किलों को हल करने में निपुण, होने के साथ-साथ वो जीवन का पूरा क पूरा गृंथ एक दर्शन थे।
गांधी जी ने हर समस्या को बहुत ही शांति और धैर्य से सुलझाया था, जो उनके तपस्वी होने को दर्शाता है।
गांधी जी सिर्फ सीख देते नहीं थे बल्कि उसे पहले अपने अंदर आत्मसात करते थे। उनकी इस कला ने उन्हें एक महान व्यक्तित्व का धनी बनाया था। उन्होंने गुस्से- नाराजगी, जुर्म और अन्याय का जवाब हमेशा शांति और सहिष्णुता से दिया। यही कारण था कि अंग्रेज भी उनका आदर करते थे। और यही बात उन्हें बाकियों से भिन्न करती है।
यदि हम आज के नकारात्मक और तनावपूर्ण जीवन में उनके आदर्शों और सीख को अमल करें तो हमारा जीवन  निश्चित रूप से तनाव रहित सकारात्मक
और सुखी होगा। और हम गांधी जी के सपनों का भारत बना सकेंगे।
 राष्ट्र पिता तुम युं ही नहीं कहाते हो।
जीवन की सच्ची सीख हमें दे जाते हो।।
 आजादी तुम हमें दिलाते हो।
गांधी तुम याद बहुत ही आते हो ।।
                *  स्मृति श्रीवास्तव

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