Sunday, June 23, 2019

बारिश का पानी

💧💦🌧💧💦🌧💧
शशिकला
💦💧बूंदो की पड़ी फुहार, रिमझिम सा बरसता वो बारिश का पानी
💦💧तनमन को भिंगोने आँगन में टपकता टिप टिप वो बारिश का पानी
💦💧मेरे मन की उम्मीदों को खुशियों से भर जाता वो बारिश का पानी
💦💧कागज की किश्ती बना फिर से बचपन लौटाया वो बारिश का पानी
💦💧रिमझिम सी झड़ियाँ लगाते ठंडी हवाओं का झोंका दे जाता वो बारिश का पानी
💦💧मन मयूर सा नाच उठता मधुर संगीत छेड़ता वो बारिश का पानी
💦💧गरज गरज कर बरसाते हुए धरा की प्यास बुझाता वो बारिश का पानी
💦💧हरी भरी धरती को हरियाली में सँवारता वो बारिश का पानी
💦💧खेतों में बीज लगाने फसल उगाने उपज बढ़ाने आया वो बारिश का पानी
💦💧गर्म पकौड़े संग अदरक वाली चाय पिलाने आ गया वो बारिश का पानी
💦💧बूंदो की बौछार पड़ी तो झरनों से बरसता वो बारिश का पानी
*मानसून सत्र की पहली बारिश के लिए लिखी गई *वो बारिश का पानी*
*शशिकला व्यास*
*भोपाल मध्यप्रदेश*
💦💦🌧💦💦⛈💦💦🌩💦💧🌨💦💧⛈💦💧🌧☔ हैप्पी मानसून ☔🌈🌈🌈🌈🌈🌈🌈🌈

4 comments:

  1. 👏 very nice. Happy Monsoon to you
    and everyone who is reading these beautiful lines of poetry.

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  2. kavita achchi likhi hai aunty j8

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