Saturday, June 22, 2019

इक्छा

*भगवान से माँगना नहीं चाहिए और अगर माँगना ही है तो माँगना आना चाहिए।*

*प्रहलादजी ने भगवान से माँगा: "हे प्रभु मैं यह माँगता हूँ कि मेरी माँगने की इच्छा ही ख़त्म हो जाए।"*

*माँ कुंती ने भगवान से माँगा: "हे प्रभु मुझे बार बार विपत्ति दो ताकि आपका स्मरण होता रहे।"*

*महाराज पृथु ने भगवान से माँगा: "हे प्रभु मुझे दस हज़ार कान दीजिये ताकि में आपकी पावन लीला गुणानुवाद का अधिक से अधिक रसास्वादन कर सकूँ।"*

 *सुग्रीवजी तो बड़ा ही सुंदर कहते हैं: "अब प्रभु कृपा करो एही भाँती।सब तजि भजन करौं दिन राती॥"*

*बाली तो एक क़दम आगे चला मरते समय परमात्मा से बात करते हुए कहता है कि " अब नाथ करि करुणा बिलोकहु देहु जो बर मागऊँ। जेहिं जोनि जन्मो कर्म बस तहँ राम पद अनरागऊ यह तनय मम सम बिनय बल कल्याण पद प्रभु लीजिए । गहि बाहँ सुर नर नाह आपन दास अंगद कीजिए ।।"*

*भगवान से माँगना दोष नहीं मगर साथ में क्या माँगना ये होश जरूर रहे।*


*जय जय श्रीराधे* 🌹🙏🏼🌹

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