होली
तुम संग प्रीत की होली,
रंगों से भीगी हमजोली,
महका गुलाल लालम लाल,
मदन गोपाल नाचे ग्वाल बाल,
ढोलक की थाप, मृदंग ताल,
बाजत मुरलिया,स्वरताल,
ब्रजनारी भीगी कंचुकी सारी,
केसरिया रंग मारी पिचकारी,
चंदन वदन महका तनमन,
सुध-बुध बिसारी मनमोहन,
श्याम रंग रंगी मैं श्यामा,
फागुन में मन भीगा कान्हा,
मन उमंग चढ़ा प्रीति रंग,
फागुन में रंगाई कृष्ण संग,
मैं तेरी होली और तू मेरा,
रंग बासंती चहुंओर बिखेरा,
तन मन भीगा प्रेमरंग,
जनम मरण सब तुमसंग।।
ममता कानुनगो इंदौर
तुम संग प्रीत की होली,
रंगों से भीगी हमजोली,
महका गुलाल लालम लाल,
मदन गोपाल नाचे ग्वाल बाल,
ढोलक की थाप, मृदंग ताल,
बाजत मुरलिया,स्वरताल,
ब्रजनारी भीगी कंचुकी सारी,
केसरिया रंग मारी पिचकारी,
चंदन वदन महका तनमन,
सुध-बुध बिसारी मनमोहन,
श्याम रंग रंगी मैं श्यामा,
फागुन में मन भीगा कान्हा,
मन उमंग चढ़ा प्रीति रंग,
फागुन में रंगाई कृष्ण संग,
मैं तेरी होली और तू मेरा,
रंग बासंती चहुंओर बिखेरा,
तन मन भीगा प्रेमरंग,
जनम मरण सब तुमसंग।।
ममता कानुनगो इंदौर

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